Ancient Rajasthani fort wall rising out of the desert at dusk

Hanumangarh Town · Rajasthan · India

Kali Rajasthani

विरासत नै पैरो।

रेगिस्तान सूं जलम्योड़ी।
आण-बाण साथै निभाईजै।

विरासत • आदर • जोधार भाव

बेचण खातर कोनी। आपरै खातर बण्या।

Black and white portrait of an elder Rajasthani man in a turban
राजस्थान — एक मुखड़ो जिको आपरी बात निभाई

भाव

भाव नै पैरो।
जड़ां रो आदर करो।

काली राजस्थानी जोधारां रो कोई भेस कोनी। म्हैं जिकां लोगां बिचाळै मोटो हुयो, वे आपरै रूप सूं कोनी, आपरै खड़ै रैवण रै ढंग सूं याद राखीजै — आपरी हिम्मत, आपरी टेक अर निभायोड़ा वादां सूं।

आण अजाण्यां साथै बोलण रो ढंग ही। त्याग चुपचाप हुवतो, बिना गिणती रै। अनुसासन मतलब गरमी सूं पैली ऊठ'र काम पूरो करणो। आदर बडेरां नै, हुनर नै अर उण धरती नै दीजतो जिकी घणी थोड़ी देवै अर सबर मांगै।

इयां ई म्हैं एक काळी टी-शर्ट अर चाँदी रै टुकड़ै में उतारण री कोसिस करूँ — अकड़ कोनी, खड़ै रैवण रो ढंग।

  • हिम्मत
  • टेक
  • आण
  • त्याग
  • अनुसासन
  • आदर

विरासत

हर भींत कनै एक याद है।

पत्थर, काठ अर धूड़। आ वे ई ठौड़ है जिकां री म्हैं घरै फोटू लेवूँ — सिरफ़ इमारत नीं, बल्कि वे गळ्यां अर घर जिकां में आज ई लोग रैवै।

Old Rajasthani street leading to a fort gate
हनुमानगढ़ — राजस्थानहनुमानगढ़ टाउन री एक जूनी गळी, जठै म्हारो बचपण बीत्यो।
Carved wooden haveli door with iron studs
टिकण खातर बण्योड़ो।लोहा री कीलां वाळो हवेली रो दरवाजो — एक बार बण्यो, पीढ़ियां तांई चाल्यो।
Carved sandstone jali work on a haveli wall
हाथ सूं घड़्यो। बगत नै सांभ्यो।हाथ सूं घड़्योड़ी पाथर री जाळी; वो ही सबर म्हैं आपरै प्रिंट में चावूं।
Rajasthani fort walls
हर भींत कनै एक याद है।किला री भींतां बणावण वाळां सूं ज्यादा जीवी — इणी खातर म्हैं विरासत कैवूं।
Camels crossing the Thar desert
रेगिस्तान याद राखै।घर कनै रो थार, जठै उजास सगळो कुछ एक रंग कर देवै।
INDIA — हाथरी बणी किताब, काली राजस्थानी

प्रेम सूं बणी

एक किताब,
म्हारी आपणी।

कपड़ा अर चाँदी सूं आगै, म्हैं आपरै हाथां अर मन सूं एक किताब बणाई — INDIA। हर पन्नै में म्हारी धरती है: रेगिस्तान री धूप, ऊँटां रा काफला, अर वे लोग जिनणै सिखायो कि घर काहीं हुवै।

आ दुनिया खातर छापी कोनी। आ म्हारे खातर बणी है — जियाँ इठै री हर चीज।

INDIA — हाथरी बणी किताब, काली राजस्थानी

हनुमानगढ़ टाउन, राजस्थान

म्हैं ऐड़ा लत्ता बणाऊँ
जिकै में म्हारो घर
साथै चालै।

काली राजस्थानी कोई दुकान कोनी। ओ तो वो नाम है जिको म्हैं आपरै खातर बणायोड़ा लत्तां पर लिखूँ — राजस्थान री फोटुवां छपियोड़ी काळी टी-शर्ट, अर चाँदी जिकै पर लिख्योड़ो है कै म्हैं कठै रो हूँ।

बेचण खातर कोनी। आपरै खातर बण्या।

Manthan Kumar Sharma in front of an I love Hanumangarh neon sign

हनुमानगढ़ टाउन — जिठै सूं हर पीस री सरुआत होवै

संग्रै

देखो

बेचण खातर कोनी। आपरै खातर बण्या।

Black Kali Rajasthani t-shirt with a black-and-white photo collage of Hanumangarh, Rajasthan

काली हेरिटेज टी

एक ई पीस
Two silver nameplate necklaces reading RAJASTHANI in Latin and Devanagari script in a jewellery box

राजस्थानी नेमप्लेट चेन

चाँदी
Person wearing the black Kali Rajasthani graphic tee on a city street in Helsinki

गळ्यां में काली

पैर्योड़ी
Back of a black t-shirt with RAJASTHANI THEKEDAR hand-painted in white brush lettering

राजस्थानी ठेकेदार टी

एक ई पीस

“हर छपाई एक ऐड़ी फोटू है जिकी बस म्हारै फोन में ई रैवती। इणनै पैरणो मतलब — राजस्थान म्हारै साथै गळ्यां में चालै।”

कहाणी बांचो

क्यूँ

म्हैं आ क्यूँ बणाऊँ

म्हैं लत्ता इण खातर कोनी बणाऊँ कै कोई ब्रांड खड़ो करणो है।

म्हैं इण खातर बणाऊँ कै कदे-कदे एक फोटू, एक ठौड़, एक सबद या एक याद पैरीजण जोग होवै।

राजस्थान म्हारो घर है। आ वे ई चीजां है जिकी म्हैं बठै सूँ साथै ल्याऊँ।

बेचण खातर कोनी। आपरै खातर बण्या।